उनसे जब नजरे मिली.. दिल बगीया फ़िर खिली.. वो जब जब पास आयी... दिल हरपल ली अंगडायी.. उनसे कुछ कहना था.. पर कही डर लगता था.. वो कही रुठ ना जाये.. ये दिल कही टूठ ना जाये.. कल उनसे फ़िर.. एक मुलाकात होगी.. दिल कि दिल से.. फ़िर से बात होगी.. दिल वही बात.. फ़िर से दोहरायेगा.. उनके जाने के बाद... उनकी याद मे गायेगा... :( ©*मंथन*™.. ०८/१२/२०१२